फिजियोथेरेपी उस बीमारी या चोटों का समाधान करती है जो किसी व्यक्ति की चलने-फिरने और कार्यात्मक गतिविधियों को करने की क्षमता को सीमित कर देती है।
फिजियोथेरेपी चोट, बीमारी या विकलांगता के बाद गतिशीलता और कार्य को बहाल करने में मदद करती है। फिजियोथेरेपी सभी उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है, जिनमें पीठ दर्द, गर्दन दर्द, खेल की चोट, कंधे में दर्द, स्ट्रोक के कारण चलने में समस्या, मल्टीपल स्केलेरोसिस आदि जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शामिल हैं। फिजियोथेरेपी में आमतौर पर विशिष्ट व्यायाम, मैनुअल थेरेपी और शामिल होते हैं। हेरफेर, यांत्रिक उपकरण जैसे कर्षण, इलेक्ट्रोफिजिकल तौर-तरीके जिनमें गर्मी, ठंड, बिजली, ध्वनि तरंग, विकिरण आदि शामिल हैं।
प्राकृतिक चिकित्सा मे भी physiotherapy का महत्वपूर्ण स्थान है जिसमें:-
. Exercise therapy
. Electro therapy
Exercise Therapy मे बीमारी के हिसाब से अलग अलग exercise कराया जाता है मुख्य रूप से लकवा, कमर दर्द, गर्दन दर्द, neurological disorder, joint stiffness जैसे बिमारियो मे exercise therapy कराया जाता है जिसमें मुख्य रूप
- पुली exercise
- Traction का इस्तेमाल होता है
Electrotherapy मे मुख्य रुप से:-
- Ift
- Tens
- Ultrasound
- Irr
- Muscles stimulator
- SWD
- Wax bath
- Hydrocholeter जैसे मशीनों का ईस्तेमाल उपचार मे किया जाता है


